जन-जागरण हेतु चलाया गया वन महोत्सव सप्ताह

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वृक्ष लगाओ वृक्ष बचाओ आन्दोलन और काव्य प्रहर ने संयुक्त रूप से मनाए वन महोत्सव सप्ताह। वृक्ष लगाओ वृक्ष बचाओ आंदोलन के संस्थापक श्री महेश गुप्ता जौनपुरी जी ने पूरे सप्ताह प्रयासरत रहे। आपने वृक्ष लगाने हेतु नहीं, अपितु संरक्षण व संवर्धन हेतु लोगों को प्रेरित किये। आपका कहना है कि वृक्ष वो लगाएँ जो बड़ा कर सकें अन्यथा रहने दें। सच में प्रत्येक वर्ष जितने वृक्षारोपण किये जाते हैं यदि 50% शेष बचते तो आज ऑक्सिजन की कमी नही होती। काव्य प्रहर के संस्थापक श्री अरुण आनन्द जी ने लोगों को इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित किये। उनका मानना है कि जब हम ऑनलाइन पढ़ सकते हैं या पुरानी किताबों से ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं तो अनावश्यक किताबों की माँग या अनावश्यक कागजों का प्रयोग कम क्यों नहीं करते? आखिर हमारी माँग का असर वनों पर ही जाता है।
इस साप्ताहिक आयोजन में 1 जुलाई से 7 जुलाई तक वृक्षारोपण कराने का कार्यक्रम था जिसका शुभारम्भ 1 जुलाई को बोकारो स्टील सिटी की एथलीट ज्योतिर्मयी डे जी ने मनी प्लांट, एलोवेरा व कुछ फलदार व औषधीय पौधों को लगाकर की। 2 जुलाई को ऑनलाइन जन जागरण हेतु वन महोत्सव से संबंधित चित्र कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारत के कई राज्यों से अनेक चित्रकार भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनायें। 3 जुलाई को ऑनलाइन लाइव काव्य लेखन रखा गया जिसमें अनेक सधे व नवांकुर कलमकारों ने भाग लेकर इसे सफल बनाएँ। 4 जुलाई को ऑनलाइन लाइव स्लोगन लेखन का आयोजन रहा जिसमें बेहतरीन कलमकारों ने योगदान दिए और आयोजन को सफल किये। इसी कड़ी में ऑनलाइन वीडियो प्रतियोगिता 5 जुलाई को रखा गया था। इसमें सधे व नवांकुर कलमकार व पर्यावरण प्रेमियों ने कविता व विचार रखते हुए अपने-अपने वीडियो बनाएँ। 6 जुलाई को फेसबुक लाइव द्वारा महराजगंज उत्तर प्रदेश की सेरातून निशा जी ने वृक्षारोपण संबंधित गीत गाकर लोगों को जागृत किये। वहीं दोपहर 02 से बागवानी के जानकार श्री कुष्मिक रंजन “मृदु” प्रयागराज से, अपने अनुभव फेसबुक लाइव पर शेयर किये जिसे हर किसी को सुनना चाहिए। 7 जुलाई को औषधीय पौधों को लगाने हेतु लोगों को प्रेरित किया गया।
वृक्ष लगाओ वृक्ष बचाओ आंदोलन के समस्त मंडल अध्यक्षों का विशेष सहयोग रहा। राष्ट्रीय बाल विज्ञान संचालक रोहित कुमार गुप्ता ने अपने प्रयास द्वारा 300 से अधिक वृक्षारोपण कराएँ। अपने नजदीकी शहरों के लोगों को जागृत भी किये। हरियाणा के साहिल प्रजापति जी ने बेहतर प्रयास किये। अलग-अलग कई राज्यों से जुड़े सदस्यों ने अपनी भागीदारी निभाते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण किये। काव्य प्रहर समूह से शिव शंकर जी ने 100 से अधिक वृक्षारोपण अपने ग्राम सभा में किये। अशोक शर्मा कुशीनगर से औषधीय व अन्य वृक्षारोपण किये। मंच से जुड़े बहुत से कलमकारों ने वृक्षारोपण कर वन महोत्सव सप्ताह के सहभागी बने। काव्य प्रहर के ऑनलाइन मंच पर लाइव काव्य व स्लोगन लेखन कराया गया। जिसमें सभी ने अच्छे प्रयास किये। इस लेखन के परिणाम में दस लोगों को सम्मानित किया जाना था पंरतु नियमों पर खरे न उतरने के कारण अब केवल 8 लोगों को ही सम्मानित किया जाएगा। चित्र कला व वीडियो प्रतियोगिता में भाग लिये लोगों में से दस लोग को सम्मानित किया जाएगा। काव्य प्रहर के सह संस्थापक व संपादक केशव विवेकी जी ने कहा कि ये सारे वीडियो संस्था के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं और बेहतरीन चित्रों को संस्था के पत्रिका में स्थान दिया जाएगा। इतना ही नहीं लोगों लिखे स्लोगन को भी पत्रिका के हैडर या फुटर में प्रकाशित किया जाएगा।
वन महोत्सव सप्ताह में जालौन के उत्कृष्ट साहित्यकार श्री भास्कर सिंह माणिक जी जुड़कर इस पूरी टीम को बधाई दिए और हो रहे कार्यों की सराहना किये। अयोध्या से उत्कृष्ट साहित्यकार श्री शलभ फैजाबादी जी भी सरिक हुए। आपने दोनों संस्थाओं को आभार व धन्यवाद ज्ञापित किये। कार्यक्रम के अंतिम दिन संस्थापक अरुण आनन्द व महेश गुप्ता जौनपुरी जी ने सभी का आभार व धन्यवाद किये। उनका कहना है कि इन सारे प्रयासों का श्रेय कार्यक्रम से जुड़े सभी प्रकृति प्रेमियों को जाता है। सह संस्थापक केशव विवेकी ने आयोजन के परिणाम एक सप्ताह में देने को कहे हैं व वृक्षारोपण करने वाले सभी मित्रों को वृक्ष सखा सम्मान द्वारा सम्मानित किया जाएगा। वन महोत्सव सप्ताह सफल रहा ऐसा इससे जुड़े लोगों का मानना है। कोरोना काल के इस पूरे आयोजन में केशव विवेकी की स्लोगन प्रसिद्ध रही –
“ये संदेश पहुँचाओ ऑनलाइन,
पाँच वृक्ष लगाओ ऑफलाइन।”

उत्तर प्रदेश ब्यूरो रोहित कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

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