महराजगंज:साहब प्रधान व अधिकारियों के मिली भगत से पशु शेड में चल रहा किराना स्टोर

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बृजमनगंज।महराजगंज। सरकार द्वारा लगातार पात्रों को योजना का लाभ देने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को आदेश दिया जा रहा लेकिन बृजमनगंज विकास खंड में योजनाओं का पात्रों को लाभ नही मिल रहा है कर्मचारियों के मिली भगत से सरकारी धन का दुरुपयोग भी किया जा रहा है। बृजमनगंज विकास खंड के ग्राम पंचायत खड़खोड़ा के लौकहा में देखने को मिला जहां सरकार की योजना के अंतर्गत मनरेगा के तहत पशु सेड निमार्ण कराया गया। लेकिन उसमें पशु की जगह दुकान चल रहा है। लाभार्थी के यहां पशु नही है। ग्राम प्रधान व सरकारी कर्मचारियों के मिली भगत से अपात्र को योजना का लाभ दे कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस मामले की शिकायत गांव के ही सत्येंद्र कुमार सिंह ने जनसुनवाई पोर्टल व जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को पत्र दे कर किया। सीडीओ गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

मतदाताओं को गलत मतपत्र भेजे

प्रशासनः गलत मतपत्र भेजे और 21 हजार पोलिंग बूथ तक हटवा लिए

लोगों को गलत मतपत्र भेजे जा रहे हैं। न्यूयॉर्क शहर में ही 1 लाख लोगों को गलत मतपत्र मिले हैं। जिन पर उनके नाम और पते गलत थे। इससे वोटिंग में देरी हो रही है। यहीं नहीं विस्कॉन्सिन में 21 हजार पोलिंग स्टेशन 21 अक्टूबर तक हटा लिए गए थे। यहां गरीब और अश्वेत आबादी ज्यादा है।

रिपब्लिकन पार्टी ने खुद माना कि उसने फर्जी ड्राप बॉक्स लगवाए

डेमोक्रेटिक के गढ़ कैलिफोर्निया में रिपब्लिकन पार्टी ने माना कि उन्होंने सर्वाधिक आबादी वाले इस राज्य में आधिकारिक तौर पर डाले जा रहे वोटों को प्राप्त करने के लिए फर्जी बैलट ड्रॉप बॉक्स रखे थे। एक्सपर्ट के मुताबिक, यह कदम गैरकानूनी और धोखाधड़ी को बढ़ावा देने वाला है।

  • इतिहास बताता है कि जब भी वोटर टर्नआउट बढ़ता है इससे रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान होता है। इसलिए ट्रम्प और उनकी पार्टी हर मुमकिन कोशिश कर रही है कि कम से कम वोटिंग हो। विशेषज्ञ इसे चुनावी धांधली बता रहे हैं।

आयोग में कमिश्नर के 6 में 3 पद खाली, कार्रवाई के लिए चार जरूरी

अमेरिका में धांधली और विदेशी हस्तक्षेप के मामले में चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। यहां तक ट्रम्प के धांधली के आरोपों पर भी चुनाव आयोग उन्हें नोटिस तक नहीं भेज सकता। क्योंकि अमेरिकी चुनाव में आचार संहिता जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। ये कहना है अमेरिका के केंद्रीय चुनाव आयोग के सबसे अनुभवी कमिश्नर एलेन विनट्राब का। विनट्राब ने चिंता जताई कि मौजूदा चुनाव में चुनाव आयोग की स्थिति दयनीय है, क्योंकि आयोग में कमिश्नर के 6 पदों में से 3 खाली हैं।

आयोग किसी मुद्दे पर कोई निर्णय ले सके, इसके लिए 4 कमिश्नर का होना जरूरी है। मतलब यह है कि अगर कोई चुनावी फंडिंग, धांधली को लेकर शिकायत दर्ज करता है तो आयोग तब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकता जब तक कोरम पूरा न हो जाए।

अमेरिका के केंद्रीय चुनाव आयोग (एफईसी) की जिम्मेदारी बस इतनी है कि वह चुनाव में सीधे तौर पर दिए गए चंदे कि निगरानी करे। मई 2020 तक प्रचार की फंडिंग से संबंधित 350 शिकायतें आयोग प्राप्त कर चुका है।

2016 में रूस ने चीफ ऑफ स्टाफ का मेल हैक कर दखलंदाजी की थी

2016 में रशियन सिक्योरिटी सर्विसेज के हैकरों ने व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ और हिलेरी क्लिंटन के चुनावी कैंपेन के चेयरमैन जॉन पोडेस्टा का ईमेल हैक कर लिया था। इन हैकरों ने उनके मेल से 20 हजार पन्ने प्राप्त किए थे, जिन्हें विकीलीक्स ने चुनाव से पहले सार्वजनिक कर दिए थे। सोशल मीडिया पर भी विदेशी खुफिया एजेंसियों ने फर्जी खबरों की बाढ़ ला दी थी।

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